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स्थायी सदस्यता के लिए परस्पर समर्थन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जापान और भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए एक-दूसरे की दावेदारी का खुलकर समर्थन किया है. दिल्ली में जापानी प्रधानमंत्री जुनिचिरो कोइज़ुमी और भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की मुलाक़ात के दौरान दोनों देशों में यह सहमति बनी. मुलाक़ात के बाद दोनों नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी किया. इसमें दोनों देशों के बीच रिश्ते प्रगाढ़ बनाने के लिए आठ-सूत्री एजेंडे का ज़िक्र है. दोनों नेताओं ने आर्थिक संबंधों को और मज़बूत करने की दिशा में काम करने की भी बात की है. सुरक्षा परिषद की सदस्यता के बारे में संयुक्त बयान में कहा गया है, "दोनों नेताओं ने उम्मीदवारी का परस्पर समर्थन किया है. दोनों मानते हैं कि विस्तारित सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए भारत और जापान उपयुक्त उम्मीदवार है." उल्लेखनीय है कि चीन जहाँ जापान को सुरक्षा परिषद की स्थायी सीट दिए जाने का विरोध करता है, वहीं पाकिस्तान भारत की उम्मीदवारी का विरोध करता है. जर्मनी और ब्राज़ील भी विस्तारित सुरक्षा परिषद में जगह पाने की उम्मीद करते हैं. जापान के प्रधानमंत्री जुनिचिरो कोइज़ुमी गुरुवार की रात तीन दिवसीय भारत यात्रा पर पहुँचे थे. शनिवार को वह पाकिस्तान पहुँच रहे हैं. |
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