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चरमपंथी गुटों के साथ संघर्ष नहीं: अब्बास | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इस महीने होने वाले फ़लस्तीनी राष्ट्रपति चुनाव में सबसे तगड़े उम्मीदवार माने जा रहे महमूद अब्बास ने कहा है कि वे चरमपंथी गुटों के साथ संघर्ष नहीं करेंगे. ग़ज़ा पट्टी पहुँचे महमूद अब्बास का चरमपंथी गुटों की ओर से ज़बरदस्त स्वागत हुआ. बीबीसी के साथ विशेष बातचीत में अब्बास ने कहा कि इसराइल के साथ युद्ध विराम संभव है. अब्बास चाहते हैं कि हमास जैसे चरमपंथी संगठन पिछले चार सालों से इसराइल के ख़िलाफ़ चला रहे सशस्त्र संघर्ष को ख़त्म करें. फ़लस्तीन में राष्ट्रपति चुनाव नौ जनवरी को होने वाले हैं. नवंबर में यासिर अराफ़ात के निधन के बाद इस महीने यह तय हो जाएगा कि उनकी जगह राष्ट्रपति कौन होगा. इस दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं महमूद अब्बास. ज़ोरदार स्वागत आम तौर पर महमूद अब्बास को करिश्माई व्यक्तित्व वाला नहीं माना जाता है और उन्हें अराफ़ात की तरह समर्थन भी नहीं प्राप्त है लेकिन ग़ज़ा पहुँचने पर उनका ज़ोरदार स्वागत हुआ.
फ़तह आंदोलन की 40वीं वर्षगाँठ पर महमूद अब्बास ने स्वतंत्र फ़लस्तीन राज्य की मांग दोहराई. हमास और इस्लामिक जेहाद का गढ़ माने जाने वाले ग़ज़ा में महमूद अब्बास जम कर चुनाव प्रचार कर रहे हैं. रफ़ा में उन्होंने वहाँ के निवासियों की प्रशंसा की. क़रीब चार साल से चल रहे सशस्त्र संघर्ष में यहाँ बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं. बीबीसी के साथ बातचीत में महमूद अब्बास ने कहा कि वे चरमपंथी गुटों को इस बात के लिए मना लेंगे कि इसराइल के साथ युद्ध विराम हो. उन्होंने कहा, "हम हमास के साथ बलपूर्वक कोई फ़ैसला नहीं करेंगे बल्कि हम बातचीत के द्वारा उन्हें मनाने की कोशिश करेंगे." समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक़ महमूद अब्बास ने यहाँ तक कहा कि वे इसराइली हमलों से इन चरमपंथी गुटों की रक्षा भी करेंगे. |
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