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बुधवार, 22 दिसंबर, 2004 को 21:14 GMT तक के समाचार
 
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मध्य पूर्व पर लंदन सम्मेलन जल्द ही
 
अबू माज़ेन और टोनी ब्लेयर
ब्लेयर ने कहा कि फ़लस्तीनी नेता सम्मेलन को समर्थन दे रहे हैं
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा है कि इसराइली और फ़लस्तीनी दोनों नेता उनके इस विचार का समर्थन करते हैं कि फ़लस्तीनी प्रशासन में सुधार के लिए अगले साल के आरंभ में लंदन में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाए.

मध्य पूर्व की अपनी यात्रा की समाप्ति पर ब्लेयर ने कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य नव नियुक्त फ़लस्तीनी नेतृत्व मदद करना होगा ताकि वे भविष्य में होने वाली बातचीत में हिस्सेदारी कर सकें.

ब्लेयर ने कहा कि लंदन सम्मेलन इसराइली और फ़लस्तीनी नेताओं के बीच शांति बातचीत फिर से शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में अमरीकी, यूरोपीय और अरब नेताओं को आमंत्रित किया जाएगा लेकिन इसराइली नेताओं ने ब्लेयर से कहा है कि वे सम्मेलन को तो महत्वपूर्ण समझते हैं लेकिन यह ज़रूरी नहीं है कि वे ख़ुद उसमें शामिल हों.

बीबीसी के मध्य पूर्व संवाददाता का कहना है कि आम फ़लस्तीनियों में ब्लेयर के इस रुख़ से हताशा पैदा हो सकती है कि उन्होंने फ़लस्तीनियों से तो हिंसा समाप्त करने की माँग की है लेकिन इसराइल से ऐसी कोई माँग नहीं की है.

अरियल शेरॉन और टोनी ब्लेयर
ब्लेयर ने शेरॉन से भी मुलाक़ात की

ब्लेयर रामल्ला में फ़लस्तीनी नेता यासिर अराफ़ात की क़ब्र पर भी गए. उनकी क़ब्र पर जाने वाले वह पहले विश्व नेता थे.

फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री महमूद अब्बास उर्फ़ अबू माज़ेन ने ब्लेयर से बातचीत के बाद पत्रकार सम्मेलन में कहा, "ब्लेयर हमारे शांति मिशन को आगे बढ़ाने में मदद के लिए विशेष स्थिति में हैं."

बीबीसी के राजनीतिक संवाददाता एंड्रयू मार के साथ बातचीत में ब्लेयर ने कहा कि इसराइली और फ़लस्तीनियों के बीच बातचीत बहाली का रास्ता मुश्किल तो ज़रूर है लेकिन हमने कम से कम पहला क़दम तो उठाया है.

हिंसा

इस बीच फ़लस्तीनी क्षेत्रों ग़ज़ा पट्टी और पश्चिमी तट में बुधवार को हिंसा हुई जिसमें चार फ़लस्तीनी और मारे गए हैं.

एक अन्य घटना में एक इसराइली की भी मौत हो गई.

तीन फ़लस्तीनी उस समय मारे गए जब इसराइली सेना ख़ान यूनुस शरणार्थी शिविर में घुस गई. एक सप्ताह में इसराइली सेना का वहाँ यह दूसरा छापा था.

इसराइली बख़्तरबंद वाहनों ने ख़ान यूनुस शरणार्थी शिविर में कई घर ध्वस्त कर दिए. उन घरों के बारे में कहा जाता है कि वे यहूदी बस्तियों पर होने वाले हमलों में पनाहघर के तौर पर इस्तेमाल किए जाते थे.

एक अन्य फ़लस्तीनी को इसराइली सैनिकों ने उस समय गोली मार दी जब वह ग़ज़ा के उत्तरी क्षेत्र में बाड़ को लाँघने की कोशिश कर रहा था.

पश्चिमी तट में एक इसराइली की हैब्रोन शहर में गोलीबारी में मौत हो गई.

 
 
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