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'अफ़ग़ानिस्तान में स्थिति चिंताजनक'
संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी का कहना कि यदि अफ़ग़ानिस्तान में सुरक्षा की स्थिति बेहतर नहीं हुई तो संयुक्त राष्ट्र को वहाँ से अपनी मौजूदगी हटानी होगी. अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के दूत लख़्दर ब्राहिमी ने एपी समाचार एजेंसी से एक बातचीत में कहा कि यदि हिंसा की कार्रवाइयाँ जारी रहीं तो उनका दल वहाँ काम नहीं कर पाएगा. इस हिंसा के लिए आमतौर पर तालेबान को दोषी ठहराया जाता है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से वहाँ और सैनिक भेजने को कहा. देश के दक्षिण और पूर्व में हुए हमलों में मार्च से अब तक कम से कम ग्यारह सहायताकर्मी मारे जा चुके हैं.
लख़्दर ब्राहिमी ने कहा, जो देश अफ़ग़ानिस्तान का साथ देने के लिए प्रतिबद्ध हैं उन्हें यह मान कर नहीं चलना चाहिए कि हम प्रतिकूल परिस्थितियों में भी यहाँ काम करते रहेंगे. उन्हें लगता है कि यहाँ हमारी मौजूदगी अहम है. अगर वे ऐसा सोचते हैं तो उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि यहाँ स्थिति बेहतर हो. अगर ऐसा नहीं होगा तो हम चले जाएँगे. पूर्वी शहर ग़ज़नी में अक्तूबर में एक फ़्रांसीसी सहायताकर्मी की हत्या के बाद संयुक्त राष्ट्र ने पहले ही वहाँ अपने अभियानों को सीमित कर दिया है. लख़्दर ब्राहिमी ने इस ख़बर का स्वागत किया कि तुर्की वहाँ औऱ सैनिक भेजने पर विचार कर रहा है. लेकिन उन्होंने कहा कि उनकी फ़्रांसीसी रक्षा मंत्री से बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकल पाया है. |
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