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संयुक्त राष्ट्र का दल अफ़ग़ानिस्तान दौरे पर
अफ़ग़ानिस्तान में हिंसा की घटनाओं पर रोक लगाने और वहाँ अंतरराष्ट्रीय शांति सैनिकों की संख्या बढ़ाने के बारे में चर्चा के लिए संयुक्त राष्ट्र की एक टीम रविवार को काबुल पहुँची है. पंद्र सदस्यों वाली संयुक्त राष्ट्र का यह दल अफ़ग़ानिस्तान के उत्तरी और पश्चिमी इलाक़ों के प्रमुख शहरों का भी दौरा करेगी. क़बायली बहुल इन इलाक़ों में संयुक्त राष्ट्र का दल यह संकेत देना चाहता है कि राष्ट्रपति हामिद करज़ई को अंतरराष्ट्रीय समुदाय का समर्थन हासिल है. हिंसा की बढ़ती घटनाओं के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र अफ़ग़ानिस्तान में मादक पदार्थों के बढ़ते उत्पादन से भी चिंतित है. नैटो की अगुआई वाले शांतिरक्षक सैनिकों की संख्या बढ़ाने के सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव को पारित करने के बाद ही संयुक्त राष्ट्र का दल अफ़ग़ानिस्तान का दौरा कर रहा है. इस पर भी सहमति हुई है कि उन इलाक़ों में सैनिकों की संख्या बढ़ाई जाए जहाँ हिंसा की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है. हिंसा संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि अफ़ग़ानिस्तान में अगले साल के लिए निर्धारित राष्ट्रीय चुनाव से पहले हिंसा की घटनाओं में कमी आए.
अफ़ग़ानिस्तान में हाल के दिनों में अमरीकी सैनिकों और अफ़ग़ान पुलिस के साथ-साथ राहतकर्मियों पर भी हमले बढ़े हैं. संयुक्त राष्ट्र दल के देश के उत्तरी और पश्चिमी इलाक़ों के इस दौरे को काफ़ी अहमियत दी जा रही है. यहाँ संयुक्त राष्ट्र का दल अलग-अलग क़बायली कमांडरों के साथ भी मुलाक़ात करेगा जिनका इन इलाक़ों में दबदबा है. इनमें शामिल हैं हेरात के इस्माइल ख़ान और देश के उत्तरी हिस्से में अपना क़ब्ज़ा जमाए अता मोहम्मद और जनरल रशीद दोस्तम जैसे वरिष्ठ कमांडर. संयुक्त राष्ट्र का दल इन क़बायली कमांडरों को साफ़-साफ़ यह संकेत देना चाहता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय राष्ट्रपति हामिद करज़ई के साथ है. |
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